रायपुरः भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने किया जा रहा कवि संम्मेलन

रिर्पोटरः द-खबरियाः- भारत देश परंपराओं से धनी है। इस परंपरा को जीवंत रखने के लिए भारत की विभिन्न संस्थाएं एवं संगठन समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से यह प्रयास करती है कि देश की संस्कृति जीवित रहे। क्योंकि बढ़ती हुई पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव देश में पैर पसार रही है। राजधानी में कुछ इसी तरह की पहल  “कलमकार” कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश के नामी कवि कुमार विश्वास एवं हास्य कवि डॉ सुरेंद्र दुबे अपने हास्य काव्य पाठ से लोगों को लोट-पोट करेंगे। सांस्कृतिक विवेकानंद उत्कर्ष परिषद के तत्वाधान में 28 जुलाई को आयोजित “कलमकार” कार्यक्रम के माध्यम से स्वामी के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना और देश के साहित्यक परंपराओं को जीवित रखना उद्देश्य है। स्वामी विवेकानंद उत्कर्श परिशद की सचिव दीप्ति प्रमोद दुबे ने बताया कि “कलमकार” कार्यक्रम को रुचिकर बनाने के लिए दो भाग सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन दो भागों में बांट कर आयोजित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और लोक संस्कारो को और सांस्कृतिक कार्यक्रमो से अभिव्यक्त करने की कोशिश की जाएगी।