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मोदी सरकार का किसानों को बढ़ा तोहफा, धान के समर्थन मूल्य में सबसे ज्यादा 200 रु क्विंटल की बढ़ोतरी

नई दिल्ली. सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपए बढ़ाकर 1,750 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। कैबिनेट ने बुधवार को इसे मंजूरी दी। धान के एमएसपी में 10 साल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 2008-09 में धान की एमएसपी 155 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाई गई थी। खरीफ फसलों की बुवाई मानसून आने के साथ शुरू होती है और कटाई अक्टूबर से शुरू होती है। धान खरीफ की मुख्य फसल है। बजट में सरकार ने कहा था कि एमएसपी उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना तय किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा एमएसपी से धान का उत्पादन और बढ़ सकता है। 2017-18 में यह 11.1 करोड़ टन के साथ सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया। एमएसपी की घोषणा सीजन शुरू होने से पहले होती है। पिछले साल 7 जून को इसका फैसला हुआ था।

किसी फसल का उत्पादन ज्यादा होने पर उसका बिक्री मूल्य कम हो जाता है। ज्यादा गिरावट को रोकने के लिए सरकार मुख्य फसलों का एक न्यूनतम बिक्री मूल्य निर्धारित करती है। बाजार में अगर किसानों को फसलों का उचित भाव नहीं मिल पाता है तो सरकारी एजेंसियां घोषित किए गए एमएसपी पर उसे खरीद लेती हैं।

बाकी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी हुई बढ़ोतरी धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपए की बढ़ोतरी के अलावा दूसरी खरीफ फसलों के एमएसपी में भी वृद्धि की गई है। कपास (मध्यम आकार का रेशा) का एमएसपी 4,020 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,150 रुपए प्रति क्विंटल और कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 4,320 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,450 रुपए प्रति क्विंटल पर कर दिया गया। अरहर का एमएसपी 5,450 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,675 रुपए प्रति क्विंटल , मूंग का एमएसपी 5,575 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6,975 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का एमएसपी 5,400 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,600 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है।

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