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कलेक्टर ओ पी चौधरी का इस्तीफा, भाजपा का षड्यंत्र – कांग्रेस

रायपुर-कलेक्टर ओ पी चौधरी का इस्तीफा देना छत्तीसगढ़ की राजनीति में किसी बड़े झटके से कम नहीं है यही एक कारण है कि अब नए-नए अटकलों का दौर तेज हो गया है। औऱ इसे मुख्यमंत्री डा रमन सिंह का ये अब तक सबसे बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।ये ऐसा दांव, जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। प्रदेश के सबसे चर्चित IAS अफसर का राजधानी कलेक्टर छोड़ भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ना, ये एक साधारण संयोग नहीं है। बल्कि इसके पीछे सियासत की सबसे बड़ी साइंस काम कर रही है। इस पूरे चुनाव में ओपी चौधरी वो चेहरा होंगे, जिसे भाजपा तुरुप के इक्के की तरह इस्तेमाल करेगी। भाजपा के लिए पर्दे के पीछे काम कर रही टीम के खास सदस्यों ने ओपी चौधरी को लेकर पूरा खाका तैयार कर रखा है।

अभी तक कयास तो यह लगाय जा रहें हैं कि ओपी चौधरी खरसिया सीट से उम्मीदवार होंगे, लेकिन ये सिर्फ कयासों में है, भाजपा चुनाव लड़ाने को लेकर भी और भी सरप्राइज दे सकती है।

अभी तक तो इसे सिर्फ एक सीट का मसला माना जा रहा जबकि यह एक सीट का मसला नहीं है, बल्कि इसके पीछे वो कई बड़ी वजह है, जिसके लिए ओपी चौधरी भाजपा की जरूरत बने हुए हैं। हालांकि इसका पूरा समीकरण एक साल से सेट हो रहा था।

भाजपा को क्यों पड़ी ओपी चौधरी की जरूरत:-

दरअसल भाजपा को इस चुनाव में बिल्कुल फ्रेश चेहरे की दरकार थी, ऐसा चेहरा, जो बेदाग हो, जिसकी बड़ी फैन फॉलोईंग हो और यूथ आईकॉन हो। ओपी के साथ प्लस प्वाइंट ये था कि इन सब खासियतों के बीच उनके नाम के साथ कलेक्टर का ओहदा और बोलने की शानदार क्षमता भी जुड़ी थी, जातिगत समीकरण और खरसिया माटीपुत्र होने का एडिशन बेनिफिट भी जुड़ गया था। ऐसे में ओपी चौधरी बीजेपी के लिए बड़ी जरूरत बन गये।

जातिगत समीकरण एक बड़ी वजह:-

जातिगत समीकरणों की बात करें तो प्रदेश में ओबीसी वर्ग का करीब 46 फीसदी वोट है। भाजपा-कांग्रेस में इस कद और इस उम्र में कोई भी चेहरा नहीं है, जो ओपी चौधरी का मुकाबला कर सके। चाहे भाजपा में धरमलाल कौशिक की बात करें या फिर कांग्रेस में भूपेश बघेल की,ऐसे में ओपी चौधरी प्रदेश में ओबीसी के लिए बड़ा नाम हो सकते हैं।

कांग्रेस का अभेद किला माना जाता है खरसिया:-

नन्दकुमार पटेल के बाद बेटे उमेश पटेल ने इस सीट पर मजबूत पकड़ बना रखी है। लेकिन ओ पी चौधरी इस बार इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।

कांग्रेस ने कहा भाजपा के षड्यंत्र में फंस गए चौधरी…

जहां भाजपा के लिए ओ पी चौधरी को एक मुख्यमंत्री के चेहरे में देखे जा रहे हैं वही कांग्रेस इसे छोटा पौधा बता रही है जिसे बड़े होने और साख जमाने में अभी समय है। यह कहना है रायपुर दक्षिण से मंत्री बृजमोहन के खिलाफ दावेदारी करने वाली नीना यूसुफ का। उनका कहना है कि भाजपा के षड़यंत्र में फस कर चौधरी  ने अपनी रसूखदार जिंदगी को दांव पर लगा तो दिया है। लेकिन जिस सीट से चौधरी को चुनाव लड़ाने की भाजपा सोच रही है उस सीट पर कांग्रेस की मजबूत पकड़ है। जिसे जीतने के लिए भाजपा कोई भी दांवपेंच लगा ले जीत पाना नामुमकिन है।

 

 

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