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हार नहीं मानूगा रार नहीं ठानूगा कहने वाले अटल बिहारी वाजपेई की थम गई सांसे, छत्तीसगढ़ के राजनीतिज्ञों ने याद किया साथ बिताए लम्हें

रायपुर- मौत जीवन की अंतिम सच्चाई है, मौत ने एक बार फिर एक बार आपने आप को प्रमाणित कर ही दिया है। हार नहीं मानूंगा रार नहीं ठानूंगा कहने वाले देश के महान नेता व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद मौत से हार गए । 93 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में शाम 5:05 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले 36 घंटों से अटल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर चल रहे थे एम्स के डॉक्टरों ने आज सुबह जो मेडिकल बुलेटिन जारी की उसके मुताबिक उनकी हालत पिछले 24 घंटे से काफी बिगड़ी हुई थी। लम्बे संघर्ष के बाद  शाम को जब  शव वाहन  एम्स ले जाते देखा गया  तभी लोगों को एहसास होने लगा था कि शायद अब अटल जी नहीं रहे । इसका कुछ देर बाद ही उनके मौत की आधिकारिक घोषणा  कर दी गई ।अटल के महाप्रयाण के साथ ही पूरा देश शोक की लहर में डूब गया। छत्तीसगढ़ प्रशासन ने भी इस दुख की घड़ी में 7 दिन की राजकीय अवकाश की घोषणा कर दी है।

राजनीतिक पार्टियों ने भी नम आंखों से याद किया उनके साथ बिताए लम्हों को , भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही अटल जी कर कारण हुई उन्होंने कहा कि पहली बार भाषण देने से लेकर राजनीति के विभिन्न पदों में रहने के फैसले तक मे अटल जी ने मेरा साथ कभी नहीं छोड़ा।

वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने भी बताया कि जब अटल बिहारी बाजपई के घुटनो में दर्द हुआ करता था तब राजीव गांधी ने बिना अजल जी को बताए उनका अपॉइंटमेंट डॉक्टर से फिक्स कर दिया था । और वे स्वस्थ हो गए, जिसके बाद अटल जी ने भी राजीव गांधी की तारीफ में कहा था स्वस्थ मानसिकता वाले राजनीतिज्ञ का दर्शन राजीव गांधी ने कराया। कांग्रेस ने अटल बिहारी जी के निधन पर शोक प्रगट किया।

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