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शिक्षाकर्मियों के लिए आज दिन बेहद अहम, हो सकता है बड़ा फैसला

रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को शाम पांच बजे मंत्रालय में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इसमें शिक्षाकर्मियों के संविलियन से जुड़े विषय पर सबसे अहम चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश के शिक्षाकर्मियों के लिए आज का दिन निर्णायक है और प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों की नजरें आज शाम होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई रहेगी क्योंकि आज यह तय होगा कि क्या वास्तव में छत्तीसगढ़ का ड्राफ्ट मध्य प्रदेश से कहीं बेहतर है या एक बार फिर मध्य प्रदेश कर्मचारियों को दिए जाने वाले सुविधाओं के मामले में छत्तीसगढ़ से आगे निकल जाएगा।

यह सवाल इसलिए भी क्योंकि 2013 में जब शिक्षाकर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान दिया गया तो उसमें वर्ग 3 और वर्ग 2  के बीच में बड़ा अंतर रखा गया जबकि वर्ग 2 और वर्ग 1 के बीच में मामूली अंतर, इसे ही शिक्षाकर्मी  वेतनमान के निर्धारण में वेतन विसंगति कहते हैं, क्योंकि वर्ग एक और वर्ग दो के बीच में जहां वेतन में केवल 2 हजार रुपये का अंतर है वही वर्ग 2 और वर्ग 3 के बीच में वेतनमान में 8000 का अंतर है |

इधर, शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रिपरिषद मंत्रिपरिषद में हुए फैसले के बाद शिक्षाकर्मी बैठककर इसकी समीक्षा करेंगे। इसके आधार पर ही आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। मोर्चा ने मांग की है कि सातवें वेतनमान और संविलियन के लिए आठ साल के बंधन को न रखा जाए। नियुक्ति तिथि के 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नति वेतन दिया जाए और इसी के आधार पर सातवें वेतनमान का निर्धारण हो। संविलियन के बाद प्राचार्य और प्रधानपाठक के पद पर पदोन्नति का प्रावधान हो। संविलियन के बाद खुली स्थानांतरण नीति व नि:शर्त अनुकंपा नियुक्ति का रास्ता खुलें

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