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बेपरवाह मंत्री का लापरवाही भरा बयान

@रिपोर्टर- सोनम मिश्रा:-

रायपुर :- जिस जनसमर्थन से सालों राज किया उसी की सुध नहीं
छत्तीसगढ़ संजीवनी 102-108 कल्याण संघ कर्मचारियों को आमरण अनशन पर बैठे 35 दिन हो गए हैं लेकिन सरकार है की अंजान बने रहने का ढोंग कर रही है या फिर चुनावी प्रचार प्रसार में इतना मसगुल है कि जिस जनता के जनादेश से सालों से राज किया उनके बारे में सोचना ही नही चाहती है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर का ये बयान कि सरकार जनता के लिए है तनख्वाह देने के लिए नहीं। इस तरह के बयान किस ओर इषारा करता है ये समझने वाली बात है।

कई कर्मचारी बेसुध होने के बाद अस्पताल पहुंचे

एम्बुलेंस कर्मियों के भूख हड़ताल पर जाने की वजह से उनका स्वास्थ्य दिनोदिन बिगड़ता ही जा रहा है। अभी पिछले दिनो कुछ लोगों के बेसुध हो जाने के बाद मेकाहारा में भर्ती कराया गया। साथ ही धरना स्थल पर अन्न-जल त्याग कर बैठे कर्मचारियों की हालत भी लगातार बिगड़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि हड़ताल करना उनका लोकतान्त्रिक अधिकार है। 102-108 कर्मियों की मांग वित्तीय है, सरकार समय-समय पर वित्तीय मांग को लेकर घोषणा करती रहती है। कई बड़े फैसले कर्मचारियों के हित में लिए गए है।

 

भूखे प्यासे संजीवनी कर्मचारियों को लेकर मंत्री का दिखा बेपरवाह रवैया

पत्रकार वार्ता के दौरान जब मंत्री जी से कर्मचारियों के आमरण अनशन स्थिति खराब होने पर सवाल किया गया तो उनका बड़ा ही गैर जिम्मेदाराना उत्तर मिला। उन्होंने कहा कि संजीवनी कर्मचारियों के आमरण अनशन के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार से जुड़े मुद्दों पर संवेदनषील है कि नही।

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